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Shayari    ||     Love Shayari

वो अपने मेहंदी वाले हाथ मुझे दिखा कर रोई,

दिल का दर्द दिल तोड़ने वाले क्या जाने,
प्यार के रिवाज़ो को ज़माना क्या जाने,
होती कितनी तकलीफ़ लड़की पटाने मैं,
ये घर पे बैठा लड़की का बाप किया जाने. ..
वो दिन दिन नही..वो रात रात नही..
वो पल पल नही जिस पल आपकी बात नही..
आपकी यादो से मौत हमे अलग कर सके.
मौत की भी इतनी भी औकात नही

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अपने लफ़्ज़ों से चुकाया है किराया इसका,
दिलों के दरमियां यूँ मुफ्त में नहीं रहती,
साल दर साल मै ही उम्र न देता इसको,
तो ज़माने में मोहब्बत जवां नहीं रहती

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खुशहाली में इक बदहाली, तू भी है और मैं भी हूँ
हर निगाह पर एक सवाली, तू भी है और मै भी हूँ
दुनियां कुछ भी अर्थ लगाये,हम दोनों को मालूम है
भरे-भरे पर ख़ाली-ख़ाली , तू भी है और मै भी हूँ

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मन से जब पीड़ा रूठ गई

लिखने की आदत छूट गई
कवि बनने की अभिलाषा थी
वो घीरे धीरे टूट गई
मन बोझिल सा हो जाता है जब
शाम सुहानी लगती है
क्योंकि तब लिखने की खातिर
फिर कलम उठानी पड़ती है |
मन को कितना ही समझाया
यूँ नहीं शरारत करते हैं
क्यों कहते थे पहले तुम
'हम कविताई का दम भरते हैं'
हम राह बचाकर चलते हैं
कोई हिस्सा ना मिल जाए
मन का खोया सपनीला सा
कोई किस्सा ना मिल जाए
हम जानबूझकर कहते हैं
बदनाम कहानी लगती है
क्योंकि तब लिखने की खातिर
फिर कलम उठानी पड़ती है

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ऐसे चुप है कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे,

तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे।
अपने ही साये से हर गाम लरज़ जाता हूँ,
रास्ते में कोई दीवार खड़ी हो जैसे।
कितने नादाँ हैं तेरे भूलने वाले कि तुझे
याद करने के लिए उम्र पड़ी हो जैसे।
मंज़िलें दूर भी हैं, मंज़िलें नज़दीक भी हैं,
अपने ही पाँवों में ज़ंजीर पड़ी हो जैसे।

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वो अपने मेहंदी वाले हाथ मुझे दिखा कर रोई,

अब मैं हुँ किसी और की, ये मुझे बता कर रोई,
पहले कहती थी कि नहीं जी सकती तेरे बिन,
आज फिर से वो बात दोहरा कर रोई...
कैसे कर लुँ उसकी महोब्बत पे शक यारो...!!
वो भरी महफिल में मुझे गले लगा कर रोई

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Shayari    ||     Love Shayari

मोहब्बत करली तुमसे बहुत सोचने के बाद,

मोहब्बत करली तुमसे बहुत सोचने के बाद,
अब किसिको देखना नही तुम्हे देखने के बाद,
दुनिया छोड़ देंगे तुम्हे पाने के बाद,
खुदा मांफ करे इतना झूठ बोलने के बाद

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भुलाना आपको ना आसान होगा,

भुले जो आपको वो नादान होगा,
आप बसते हो दिल में हमारे,
आप हमें ना भुलें ...
.... ये आपका ऐहसान होगा...!!

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दिल पे क्या गुज़री वो अनजान कए जाने,

प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने,

हवा के साथ उड़ गये घर इस परिंदे का,

कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !

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प्यार को जब प्यार से प्यार हुवा
तो प्यारने प्यारको प्यारसे पुछाः
प्यार केसा होता है ?
तो प्यारने प्यारको प्यारसे कहाः
जो ईश प्यारीसी शायरी को पढ रहा है
प्यार उनके जैसा प्यारा होता है ।

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हम कह पाते काश उन्हें के उन्ह दिल में बसाया है

दुनिया की निगाहों से उन्हें हमेशा छुपाया है
हम ज़ाहिर नहीं करना चाहते है अपने दिल की आशिकी को
के हमने अपने यार को ही अपना रब्ब बनाया है

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हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,

कभी चाहा था किसी ने,तुम ये खुद कहोगे,
न होगे हम तो किसी ने ,तुम ये खुद कहोगे,
मिलेगे बहुत से लेकिन कोई हम सा पागल ना होगा.

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जब आपका नाम ज़ुबान पर आता है,

पता नही दिल क्यों मुस्कुराता है,
तसल्ली होती है हमारे दिल को,
कि चलो कोई तो है अपना, जो
हर वक़्त याद आता है.

 

Shayari    ||     Love Shayari

Tum ho meri dhadkan, Tum hi ho meri sans

Tum ho meri dhadkan, Tum hi ho meri sans,
 Reh lungi inke bin par na bin tere sath, 
Teri khushi me mujhko hasna h, 
ek sitaro me mera sapna h,
 Tujhse juda h ye tera apna h, 
Tu hai jaha, wahi main takna h,
 ek sitaro me mera sapna hai
 
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Aisi Kya Dua De Hum Apko 
Jo Apke Labo Pe Hasi K Phool Khila De
Bus Yahi Dua Hai hamari Khuda Se
Ki Sitaro Se Roshan apki Takdir Bana De…!!!
 
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Biphar Raha Hai Darya Khushki Chupane Ko Abar Hy Tiyyar Aur Pani Bahane Ko Kanp Rhi Hy Zameen Aur Pani Bahane Ko Zameen Aab O Abar Har Koi Hogiya Khafa Bedar Ho Ke Ab Hy Waqt-E-Dua Yake Baad Digary Hazir Pareshaniyan Beh Raha Hy Laho Surkh Hogain Wadiyan Hr Tarf Musibatein Hr Soo Tabah Kariein Aman Ko Jazb Kr Rhi Hy Barbadi Ki Fiza Bedar Ho Ke Ab Hy Waqt-E-Dua Ibn-E-Adam Ki Is Halat Pe Ro Raha Hy Akash Jis Tarf Nigah Karo Wahin Pri Hy Lash Dukhon Sy Dil Choor Hy Aur Khawab Pash Pash Nhi Hy Haq Karne Ka Kisi Ko Jafa Bedar Ho Ke Ab Hy Waqt-E-Dua Khatam Karo Yeh Fasla Darmiyan-E-Zameen O Sar Tuba Karo Aur Lagao Peshani Zameen Pr Pakro Ibrat Jago Ke Waqt Hy Khatam Pr Kahin Bujhe Na Jae Umeed Ka Yeh Akhri Diya Bedar Ho Ke Ab Hy Waqt-E-Dua..?
 
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(DUAA) Tu Khush Rahe Khuda Karay Mera Dil Yehi Dua Kray Teray Hont Muskarayin Sada Teri Aankh Sada Hansa Kray Teri Bazm Sada Saji Rahay Sada Bahar Teri Gali Rahay Tou Gham Se Kbhi Ashna Na Ho Tou Zeest May Kbhi Tanha Na Ho Zindagi May Na Kuch Khoay Tou Mazaq May Bhi Na Roay Tou Tera Hr Khawab Poora Ho Koi Sapna Na Adhoora Ho TOU KHUSH RAHAY KHUDA KRAY MERA DIL YEHI DUA KRAY…?
 
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Apko Hamari Umar Lag Jaye, Yahi Khuda Se Fariyad Karte Hai, Apko Kya Khabar Ki, Ham Apko Kitna Yaad Karte Hai.?
 
 
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Khuda Se Kya Mangu Tere Waste Sada Khushiyun Se Bhare Ho Tere Raste, Hasi Tere Chehre Pe Rahe Is Tarah, Khusbu Phool Ke Sath Rehti Hai Jis Tarah..?
 
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Tu hai gar mujh se khafa khud se khafa hun main bhi mujh ko pehchan ki teri hi ada hun main bhi ek tujh se hi nahi fasl-e-tamanna shadab wohi mausam hun wohi aab-o-hava hun main bhi sabt hun dast-e-khamoshi pe hina ke surat nashunida hi sahi tera kaha hun main bhi chand ban kar tere aangan mein utar hi
 
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Teri tarif karte hain to isamen kya burai hai khuda ne apne hathon se teri surat banai hai hazaron ke tarah sun le teri rusavai ke dar se teru tasvir hum ne kitabon mein chupai hai teri masum surat ke yahi tarif hai sun le zaban pe hai yahi sab ke khudai hai khudai hai marz ye ishq ka aisa
 
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Tere daman ke hawa mangate hain hum bhi jine ke dua mangate hain mutribo koi achuta nagma saz aahang-o-sada mangate hain mah-o-anjum ke jharoke aksar kisi ke aariz ke dua mangate hain phir patangon mein khudai jagi shole hashr-numa mangate hain banda-paravar koi khairat nahi hum vafaon ka sila mangate hain maikada ho ke kalisa “sagar” sari duniya ka bhala
 
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pa-ba-gil sab hain rihai ke kare tadabir kon dast-basta shahar mein khole meri zanjir kon mera sar hazir hai lekin mera munsif dekh le kar raha hai mere fard-e-jurm ko taharir kon meri chadar to chini thi sham ke tanhai ne beridai ko meri phir de gaya tashahir kon neend jab khwabon se pyari ho to aise ahad mein khwab 
 
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Moom Ki Tarha Pigalty Howe Dheka Usko, Rut Jo Badli To Badalty Howe Dheka Usko.. Wo Jo Kanto Ko B Narmi Se Chuwa Krta Tha. Humney Phoolo Ko Masalty Howey Dheka Usko , Jany Wo Mangny Jata Hy Duwaoon Mai Kisy, Hath Uthathy He Sisikty Howe Dheka Usko
 
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